इन सितारों ने बढ़ाई भारत की शान, अपनी फिल्मो से जगाया देशभक्ति का जज़्बा

By   Gagandeep
15 Aug 2019 @ 09:58

100 साल से भी ज्यादा समय से बॉलीवुड लोगों का मनोरंजन करता आया है। बॉलीवुड में हमेशा से भारत की आजादी के हर रंग को बखूबी दिखाया गया फिर चाहे विदेश में भारतीय सभ्यता का परचम लहराना हो या फिर दुश्मनों से भारत की रक्षा करना हो, आजादी के सभी रंगों में भारतीय सिनेमा के कलाकार भी बिल्कुल पीछे नहीं रहे। इन कलाकारों ने कभी जासूस बनकर तो कभी कोच बनकर देश की शान के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। इस वर्ष भारत के 72वां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आपको ऐसी फिल्में बताते हैं जिसमें बॉलीवुड के अभिनेताओं ने देश की रक्षा की

जॉन अब्राहम की फिल्म ‘परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोखरण’ साल 1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे भारत के ऊपर सफल न्यूक्लीयर टेस्ट करवाने का दवाब था।

आलिया भट्ट की ‘राजी’ फिल्म भी देशभक्त के रंग में रंगी फिल्म है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आलिया भट्ट छोटी सी उम्र में भारत की जासूस बन जाती है। वह न केवल अपने सपनों को कुर्बान करती है बल्कि देश की हिफाजत के लिए अपने जान की बाजी लगा देती है। फिल्म को लोगों ने खूब पसंद किया था। यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित थी।

‘टाइगर जिंदा है’ फिल्म 2017 में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म साल 2012 में रिलीज हुई ‘एक था टाइगर’ की फ्रेंचाइजी है। इन दोनों ही फिल्मों में सलमान खान ने भारतीय जासूस का किरदार निभाया है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सलमान खान इराक में फंसी भारतीय नर्सों को आतंकी अबु उस्मान के चंगुल से छुड़वाता है। इस फिल्म में सलमान खान भारतीय खूफिया एंजेसी रॉ के जासूस बने हैं।

साल 2001 में आमिर खान की ‘लगान’ फिल्म को देखकर देशभक्ति का जज्बा जग उठता है। फिल्म में दिखाया गया है बारिश न होने की वजह से सूखा पड़ जाता है जिसकी वजह से गांव वालों को काफी दिक्कतें आ रही होती है। ऐसे में लगान का बोझ उन पर हावी होता है। तभी आमिर खान फिल्म में अंग्रेजों से अपना लगान माफ कराने के लिए क्रिकेट खेलते हैं और मैच जीत जाते हैं। इस फिल्म के जरिए दिखाया गया है कि कैसे भारतीय किसान मैच जीतकर न केवल अपने स्वाभिमान की रक्षा करते हैं बल्कि अपनी कामयाबी के झंडे गाढ़कर फिरंगियों को भी सबक सिखाते हैं।

धर्मेंद्र और माला सिन्हा की ‘आंखें’ फिल्म भी इसी रंग में रंगी फिल्म है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे धर्मेंद्र जासूस बनकर भारत की सुरक्षा में लगी सेंध को खत्म करने के लिए जाते हैं।

मनोज कुमार को हिंदी सिनेमाजगत का ‘भारत कुमार’ कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मनोज कुमार ने अपने फिल्मी करियर में ज्यादातर देशभक्ति वाली फिल्में ही की है।भारतीय सभ्यता का विदेश में परचम लहराने वाली मनोज कुमार की फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ खूब चर्चा में रही। यह फिल्म 1970 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में मनोज कुमार स्वतंत्रता सेनानी के बेटे होते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं। फिल्म में दिखाया गया है विदेश में रहने के बावजूद भी मनोज कुमार भारतीय सभ्यता को नहीं भूलते और वहां पर भी भारतीय परंपरा का गुणगान करते हैं।

शाहरुख खान की साल 2004 में रिलीज हुई ‘स्वदेश’ फिल्म भी देशभक्ति से ओत-प्रोत है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक शख्स सुख सुविधाओं को छोड़कर अपने गांव में बस जाता है। यहां तक कि वह गांव में बिजली का प्लांट भी लगा देता है ताकि सभी लोगों की जिंदगी में रोशनी आ सके।

‘चक दे इंडिया’ फिल्म में शाहरुख खान ने कोच बनकर ‘भारत’ का नाम दुनिया में रोशन किया था। इस फिल्म में किंग खान ने भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच बनते हैं और महिला हॉकी टीम को वर्ड कप जिताने के लिए कड़ी मेहनत करते है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे किंग खान बतौर कोच टीम को खड़ा करते हैं। फिल्म में हॉकी टीम के सभी खिलाड़ी अलग अलग धर्म के होते हैं जिन्हें विभिन्ता में एकता का पाठ पढ़ाते हैं।

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